1657 में शाहजहाँ बीमार पड़ गया, जिसके कारण उसके चार बेटों दारा शिकोह, मुराद बख्श, शाह शुजा और औरंगजेब के बीच उत्तराधिकार के लिए संघर्ष शुरू हो गया. विजेता औरंगजेब ने 1658 में खुद को बादशाह घोषित कर दिया और शाहजहाँ को उसकी मृत्यु तक आगरा किले में कैद करके रखा. मुगल वंश के उत्तराधिकार का कोई संहिताबद्ध कानून नहीं था.